- मेटा विज्युअल्स इंदौर में तैयार करेगा एआई प्रोडक्शन स्टूडियो एवं स्किलिंग सेंटर
- Support Wings Spreads Joy Through ‘Little Smiles’ Initiative in Indore
- ‘ओम: चैप्टर 1’ में साई पल्लवी की दमदार एंट्री! आईपीएस नित्या रेड्डी बन न्याय के लिए उठाएंगी आवाज़
- Grammy-Winning Artists Amjad Ali Khan, Amaan Ali Bangash and Ayaan Ali Bangash Bring Samaagam to the La Jolla Symphony & Chorus
- Diwali Is Around the Corner! Sooraj Barjatya’s ‘Yeh Prem Mol Liya’ Reminds Us That Safai Is a Family Affair
भविष्य की शिक्षा, शिक्षा का भविष्य के संदर्भ में होगी सहोदय ग्रुप की चौथी रीजनल कॉन्फ्रेंस
इंदौर. शिक्षा के स्वरूप और स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार के मद्देनजर परिवर्तन लाना और भविष्य के लिहाज से शिक्षा की सुदृढ़ नींव रखना एक निरंतर जारी रहने वाली प्रक्रिया है. सीबीएसई यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है. इसी संदर्भ में इंदौर सहोदय द्वारा प्रत्येक 4 वर्ष में रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है. जिसके अंतर्गत शिक्षा और स्कूलों के समक्ष आने वाली चुनौतियों और भविष्य के लिहाज से नए कदम उठाने पर विचार-विमर्श किया जाता है.
इसी कड़ी में इंदौर में 15-16 जनवरी 2019 को दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है. इस बार इस कॉन्फ्रेंस की थीम ‘एजुकेशन फॉर फ्यूचर-फ्यूचर ऑफ एजुकेशन’ पर आधारित है, जिसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के साथ ही नई नीतियों को लेकर भी विचार विमर्श किया जायेगा। यह आयोजन होटल सयाजी, विजय नगर पर सम्पन्न होगा।
इस संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए इंदौर सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के चेयरपर्सन श्री मोहित यादव ने बताया-‘पिछले कुछ सालों में शिक्षा पद्धति और स्कूलों की कार्यप्रणाली दोनों में ही कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं. इनमें रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के समावेश के साथ ही तकनीकी पहलुओं का जुड़ना मुख्यतौर पर शामिल हैं. सहोदय हमेशा से इन परिवर्तनों के साथ चलने और इनका विश्लेषण कर इन्हें व्यावहारिक स्तर पर लागू करने में अग्रणी रहा है.
इसी क्रम में हर चार वर्ष में इंदौर में इस रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ ही कई अन्य क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियां चर्चा में हिस्सा लेंगी और भविष्य के लिहाज से स्कूलों और शिक्षा दोनों के साथ ही विद्यार्थियों के भी हित में महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार विमर्श करेंगी।’
श्री यादव ने आगे बताया कि-‘मुख्य थीम के अलावा कार्यक्रम की सब थीम में शामिल विषय होंगे- करिकुलम फॉर नेक्स्ट जेनरेशन, टेक्नोलॉजी फॉर फ्यूचर एजुकेशन, इमोशनल हाइजीन, प्रिंसिपल्स ऑफ द नेक्स्ट जेनरेशन, कम्प्लाएंसेस विथ न्यू एज प्रिंसिपल्स तथा रोल ऑफ टीचर्स 20 इयर्स अहेड। इन तमाम विषयों पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ अपनी राय देंगे और प्रिंसिपलों को आने वाले समय के हिसाब से कैसे तैयार रहना है इस बारे में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जायेगा।
सचिव श्रीमती रीना खुराना, संयुक्त सचिव यू.के. झा, कोषाध्यक्ष श्रीमती रूचि गांधी ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं में पूर्व यूजीसी चेयरपर्सन डॉ. वेदप्रकाश, आईआईएम अहमदाबाद की प्रोफेसर डॉ. निहारिका वोहरा, स्पीड लैब्स के संस्थापक व सीईओ श्री विवेक वार्ष्णेय, मैनेजमेंट गुरु श्री एन रघुरामन तथा सायकोलॉजिस्ट डॉ. शिशिर पलासपुरे (मॉर्फिक माइंड्स) शामिल होंगे। डॉ. शिशिर का विशेष उद्बोधन ‘इमोशनल हाइजीन’ विषय पर होगा। दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सीबीएसई के सेक्रेटरी श्री अनुराग त्रिपाठी करेंगे तथा कॉन्फ्रेंस के कन्वीनर (संयोजक) डॉ. राजेश अवस्थी होंगे।
कार्यक्रम में विशेष पैनल डिस्कशन भी होगा जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा गुजरात के चुनिंदा सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल्स हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि इस आयोजन में अजमेर रीजन के अलावा चेन्नई, हैदराबाद, बिहार, महाराष्ट्र तथा दिल्ली रीजन के स्कूल प्रिंसिपल्स और प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। विभिन्न स्कूलों के कुल 300 प्रिंसिपल इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।’
इंदौर सहोदय के बारे में:
इंदौर सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स देश के प्रगतिशील और ऊर्जावान सहोदयों में से एक है. इस सहोदय ने इंदौर में शिक्षा तंत्र की सीमा में विस्तार के महत्वपूर्ण विचार के साथ 1994 से कार्य प्रारम्भ किया था. पिछले 33 वर्षों में इंदौर सहोदय ने नई ऊंचाइयों को छूते हुए काम काज तथा सहयोग के स्तर पर अविश्वसनीय विस्तार हासिल किया है और संरचनात्मक विचार प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र एवं गतिशील बनाया है.
इंदौर सहोदय के नेतृत्व में हर सम्भव और सार्थक प्रयास किये गये हैं. इसके अंतर्गत शहर के विद्यार्थियों के लिए साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेल कूद तथा क्रिएटिव डिजाइन जैसी विभिन्न गतिविधियों तथा इवेंट्स आयोजित किये गये हैं, ताकि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा एवं कौशल को निखार सकें।
सहोदय संस्था ने सीखने की प्रक्रिया को चारदीवारों में सीमित कक्षा से आगे कम्युनिटी वर्क तक का विस्तार दिया है. अपनी गतिविधियों में शैक्षिक सुधारों को भी सम्मिलित करते हुए सहोदय शिक्षकों तथा प्रिंसिपलों के लिए भी विभिन्न ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित करता है, ताकि परिवर्तनों के लिहाज से खुद को तैयार किया जा सके एवं अध्यापन कला के नये आयामों को गढ़ा जा सके. नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य प्रदान करने के इरादे से इंदौर सहोदय अब तक 2 नेशनल कॉन्फ्रेंस तथा 3 रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन शहर में कर चुका है.


